कागज पर तेरा नाम


आज भी कागज पे तेरा
नाम लिखना आता है
चंद लिखे शब्दों में
अधिक,वही भाता है
कभी तुमनें भी लिखा था
नाम हमारा प्यार से
चंद किताबों पे लिखा
वो प्यार नज़र आता है।
यूँ तो अपना नाम कभी
इतना खास न लगा
जब से लिखा तुमनें इसे
ये ख़ास नज़र आता है
कुछ भी लिखें हम कहीं
परंतु सच है यही-
आज भी कागज पे तेरा
नाम लिखना आता है
चंद लिखे शब्दों में
अधिक,वही भाता है…

Advertisements

30 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

30 responses to “कागज पर तेरा नाम

  1. “आज भी कागज पे तेरा
    नाम लिखना आता है
    चंद लिखे शब्दों में
    अधिक,वही भाता है…”
    “जो भी लिखा तुमने
    निरंतर भाया हमको
    बिना कहे भी बहुत कुछ
    कह दिया तुमने ”
    उम्दा, इस से ज्यादा क्या लिखूं

  2. प्रवीण पाण्डेय

    शब्द में रूप बसता है।

  3. “कभी तुमनें भी लिखा था
    नाम हमारा प्यार से
    चंद किताबों पे लिखा
    वो प्यार नज़र आता है”
    ….बहुत खूब!!

  4. Mi

    This is the first ever hindi blog that has kept me glued for a good enough time!! Great blog and a great poetry!!
    Keep it up!

  5. bhargav

    just awesome, as usual…. 🙂

    patton ki sarsarahat se mehsus hua… to kahin guftagu se aagaaz hua…

    just awesome

  6. wow indu ji
    wonderful your poetry gives a very nice charm and a dak-dak moments …… kya kahoon aaj
    bas hai ek yaad ,
    pyar se saji hai mahfil yaddon ke guldasto ki
    or nazar aa raha hai didar ……….
    aaj bhi hai yaad ……. 🙂

  7. alok

    man ke, dil ke, taro ko ye nam choo jata hai
    ap ne likha hai,ye pal pal yad ata hai……

    Very good……….

  8. Beautiful Indu !!
    socho to ye bas tukda hai kaagaz ( computer screen !!) ka
    dekho to yeh dil hai mera .

  9. Its been a long while since I’ve read a hindi poem. enjoyed it, Thanks a lot. and thanks for visiting my page. 🙂

  10. रोमानी कविताएं आज भी दिल लुभाती हैं. कुछ तो बात है इनमें, दिल इन्हें पढ़कर कभी खुश तो कभी उदास हो आता है.

  11. ઇન્દુજી ,
    આપકી બહુત સુંદર કવિતા પઢકર એ પુરાને આરાધના ફિલ્મકા ગીત યાદ આ ગયા.


    http://saralhindi.wordpress.com/

  12. कागज़ पे तेरा नाम
    जब भी मैं देखता
    वह गुज़र गयी शाम
    फिर नज़र आती
    वह मीठी बातें वह प्यार भरा पल
    दिल में लिए जीता हूँ आजकल
    Your Poem inspired me to write these lines in a language I am not very proficient! Thanks

  13. sameer datey

    आज भी कागज पे तेरा
    नाम लिखना आता है
    चंद लिखे शब्दों में
    अधिक,वही भाता है
    bahot khubsurat-ye chand panktiya vicharo ko sukhad ehsas kara gayi-shukriya aapka

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s