जन्म दिन कैसे मनाया जाए


बहुत ही साधारण सा सवाल है किंतु जवाब अनेकानेक हैं। बच्चों का जन्म दिन तो प्रायः सभी एक ही तरह से मनाते हैं। पार्टी करी,केक काटा,गिफ्ट मिले,रिटर्न गिफ्ट दिये और हाँ सबसे बड़ी बात कि आज बच्चे का जन्म दिन है तो कोई उसे डांटेगा नहीं और इस तरह से मना लिया जन्म दिन…
अब बात हम अपनी करते हैं शायद आप सभी को ये महसूस हुआ हो कभी कि आज आप का जन्म दिन है
और सुबह से ही प्रेम पगे,शुभकामनाओं भरे फोन आपको आ रहे हैं और उनके साथ ही ये सवाल भी कि आज का क्या प्रोग्राम है? कुछ सुझाव भी मिलते हैं कि अरे भई आज तो घूमों फिरो,शॉपिग करो,पिक्चर जाओ आदि अनेकानेक सुझाव!और आप जिसका कि जन्म दिन है उसे ही समझ नहीं आ रहा कि आखिर किया क्या जाये।
सभी व्यस्त हैं और आपको घूमने-फिरने के लिये कह रहे हैं परन्तु कोई उनसे पूछे कि किसके साथ…
अंततः होता यही है कि कुछ अलग करने की चाह में आप अपना सबसे खास दिन एक आम दिन से भी ज़्यादा आम बना देते हैं। सभी करीबी इतने व्यस्त हैं कि आपको सिवाय सुझावों के कुछ पल भी देना उनके बस में नहीं। हाँ फेस बुक पर आपकी वॉल ज़रूर भरी मिलेगी वो भी बंडल के बंडल शुभकामनायें…
फेस बुक का सबसे बड़ा फायदा तो यही है कि आप किसी का जन्म दिन भूलेंगे नहीं चाहे वो आपका मित्र हो या नहीं बस आपके फेस बुक पर होना चाहिये। कभी-कभी जन्म दिन आने से पहले यह सोचना पड़ता है कि लोगों के सुझावों का अनुसरण कैसे किया जायेगा क्योंकि आखिर आपका जन्म दिन है जिस दिन सिवाय सुझावों के आप तन्हां ही होंगे और बाकी सभी लोग व्यस्त….

7 टिप्पणियाँ

Filed under अभिलेख

7 responses to “जन्म दिन कैसे मनाया जाए

  1. Rightly said Indu, seems like everything has lost it’s charm. I always spend the day with my family and on their birthdays I give them surprise.🙂

  2. किसका जन्मदिन है आज? आपका तो नहीं है!🙂
    सब कुछ रस्मी होता जा रहा है. फेसबुक पर दो सौ लोग शुभकामनाएं देते हैं… कापी-पेस्ट करते जाते हैं. हकीकत में किसी के पास दो घड़ी फोन पर बात करने का वक़्त नहीं है जबकि कॉल रेट बेहद मामूली हो चले हैं.
    लेकिन चाहे जो हो, अच्छा लगता है की किसी ने कम-से-कम कुछ कहने की जहमत तो उठाई!🙂

  3. सहमत हूँ … सबसे ज्यादा अकेलापन तो अपने जन्मदिन पर ही लगता है …. तब लगता है कि उम्र बचपन में ही थमी रह जाये …….

  4. प्रवीण पाण्डेय

    कोई नयी चीज सीखने का विचार कर मनाया जाये जन्मदिन।

  5. DEEPAK NARESH

    मेरा आना..हजार साल में होता है एक बार..
    कमबख्त इस जहां को उसकी भी नहीं कदर….
    हम सोचते हैं कि सजा दें महफिल तो खुशी से
    फिर भी लम्हे बर्थडे के फिरते हैं दर-बदर

    सही कहा…यही होता है जन्मदिन.. जब लोगों को हमारा ख्याल तो आता है लेकिन सब कुछ महज औपचारिकता लगता है….
    साधुवाद.

  6. Nice post. It is very true as one grows up the celebration part of birthday is confusing. As we now grow out of the gifts and cakes and we want something more palpable. I kept telling my mom about celebrating her birthday. She always warded it off. This birthday I booked a trip, took a week off and traveled with her-🙂

    Guessing your birthday was somewhere around. A very happy birthday!🙂

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