जीवन की घुटन


भरी है जीवन में इतनी घुटन
रहा रिश्तों में उलझा,सदा ही मन
तलाशता रहा प्यार का दामन
न वफ़ा ही मिली,न कोई हमदम।
सूनी रातों में फिर टूटा तारा कहीं
लगा यूं मिल जाएगा किनारा कहीं
चाहूं संग उसका, अब हर घड़ी
पर उलझनें हैं फिर भी साथ में खड़ी।
सब रिश्तों से मिलती,है क्यूं चुभन
कभी खुल के जीने को तरसे ये मन
क्यूं भरी है जीवन में इतनी घुटन…

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15 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

15 responses to “जीवन की घुटन

  1. jeevan mein ghutan bhee
    chubhan bhee
    phir jab jeenaa hee hai to
    nirantar muskaaraa kar jee

  2. sanjay bhaskar

    बिल्कुल ही नूतन बिम्ब लिए अनूठी अभिव्यक्ति.

  3. anu(anju)

    इस दिल की घुटन का क्या करे
    जब अपने ही ,राह में छोड़ आगे बढ चले ||

    दो आंसुओं में कैद हो गई जिन्दगी
    एक ही लम्हे में गुज़र गई ये जिन्दगी ||……..अनु

  4. तारे तो टूटते ही हैं … चाहत की तरह

  5. suchi me itni ghutan hain kya ???????
    3bhk ka flat le lo fir to !
    heheheheheheheehehehe
    कविता लिखी नहीं जाती,स्वतः लिख जाती है… m impressed by that phrase !

  6. मेरा तो सब धुंआ हुआ, अब जो बाकी है वो है बस घुटन!!

  7. जीवन तो है ही दुखों का दूसरा नाम, हरि में मन लगा ओ मन .. सन्यास में ही मुक्ति है शायद जीवन के दुखों से? 🙂

  8. Very touching… humme ghutan ko jeetien nahin dena chahiye..humme usse muqabla karke jeet lena chahiye..and the best way is to give. For when u give your reduce someone else’s burden and lightens your own too.

  9. sunil kumar

    इसी घुटन से निकालने पर नया जहाँ मिलता है सुंदर रचना

  10. Very good poem……..I hope one day you will read/sing this poem in your own lovely voice through internet device!

    ક્યોં જ઼િન્દગી કી રાહ મેં મજબૂર હો ગએ
    ઇતને હુએ કરીબ કિ હમ દૂર હો ગએ

    ઐસા નહીં કિ હમકો કોઈ ભી ખુશી નહીં
    લેકિન યે જ઼િન્દગી તો કોઈ જ઼િન્દગી નહીં
    ક્યોં ઇસકે ફ઼ૈસલે હમેં મંજ઼ૂર હો ગએ,
    ઇતને હુએ …

    પાયા તુમ્હેં તો હમકો લગા તુમકો ખો દિયા
    હમ દિલ પે રોએ ઔર યે દિલ હમ પે રો દિયા
    પલકોં સે ખ઼્વાબ ક્યોં ગિરે ક્યોં ચૂર હો ગએ,
    ઇતને હુએ …

    Life is an ice cream, enjoy it before it melts!
    http://www.buzzle.com/articles/cute-quotes-about-life.html

  11. सत्य ही कहा आपने ..और ये घुटन कब किस रूप में पांव पसारती है पता तब चलता है जब हम फंस चुके होते है उनमे ….

  12. भरी है जीवन में इतनी घुटन
    रहा रिश्तों में उलझा,सदा ही मन

    Nice Lines..

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