तन्हा सा दिल


जब-जब भी दिल,है दुखा कभी
संग हमारे सदा तन्हाई ही रही
आँसू बहने को आतुर,रुक जाते हैं
न पोछेगा कोई,खुद ही सिमट जाते हैं
है मन यूं परेशां,व्यथा से भरा
लगे मुसीबतों का है तम सा घिरा
न कोई सहारा न उजली किरण
बेचैन दिल है,पीड़ित ये मन
है खुद को समझना व समझाना भी
न आएगा पास,कोई हमदम कभी
दुखा है दिल तो क्या हो गया
भूल कर इसे मुस्कुरा बेवजह
सब आएंगे तेरे पास फिर ज़रूर
ले-ले के अपने ग़मों का सुरूर
बन जाएंगे हम फिर सबके लिए
दुख-दर्द बाँटने का ज़रिया हुज़ूर…

Advertisements

23 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

23 responses to “तन्हा सा दिल

  1. ग़मों को खुद को ही पीना पड़ता

    फिर भी दिल मानता नहीं कभी
    share सांझा करना होता

  2. अपना दर्द बताते रहिये
    जीवन को समझाते रहिये।

  3. भूल कर इसे मुस्कुरा बेवजह
    सब आएंगे तेरे पास फिर ज़रूर

    बहुत अच्छा लिखा है…बधाई|
    मेरा हिन्दी हाइगा का भी एक ब्लॉग है,
    इस बार अपने नाम के साथ वही URL दे रही हूँ|
    समय मिले तो देखिएगा|
    सादर

  4. बेहतरीन अभिव्‍यक्ति
    कल 30/11/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्‍वागत है, थी – हूँ – रहूंगी ….

  5. anu

    तन्हा दिल को …किसी की सहानुभूति की आवश्यकता नहीं होती …
    गम को साँझा किया जा सकता है ,आँसुओं को नहीं ||

  6. यूं हमसे चंद बातें कर लो
    नमकीन नीर में खुशियां छलक आएंगी…

    अद्भुभुत वर्णन

  7. दुखा है दिल तो क्या हो गया
    भूल कर इसे मुस्कुरा बेवजह
    ये जरुरी भी है !
    सुंदर कविता !

    मेरी नई कविता “अनदेखे ख्वाब”

  8. बड़ी सुन्दर अभिव्यक्ति है….
    सादर बधाई…

  9. बहुत ही अच्छा लिखती है आप………

  10. भूल कर इसे मुस्कुरा बेवजह
    सब आएंगे तेरे पास फिर ज़रूर
    ले-ले के अपने ग़मों का सुरूर
    बन जाएंगे हम फिर सबके लिए
    दुख-दर्द बाँटने का ज़रिया हुज़ूर

    कविता का सार यही सुन्दर पंक्तियाँ हैं …बधाई ….

  11. Hi, thanks for visiting my blog.I donot understand written Hindi but I could see your poetry is popular from the comments.Keep flowing

  12. सब आएंगे तेरे पास फिर ज़रूर
    ले-ले के अपने ग़मों का सुरूर
    बन जाएंगे हम फिर सबके लिए
    दुख-दर्द बाँटने का ज़रिया हुज़ूर…….wah bahut sahi kaha indu ji .

  13. indu ji …is tarah ke lekhan ke liye maa sarshwati ki kirpa aap par hai yh sabit ho gya hai …bahut sunder avm goodh lekhan …

  14. सही लिखा है कविता लिखी नहीं जाती…..भावनाएं शब्द तलाश ही लेती हैं…..

  15. tanhaai can be utilized in a positive way for sure, it has created tremendous amount of art and literature. A nice presentation of the feeling

  16. The most beautiful lines are:

    दुखा है दिल तो क्या हो गया
    भूल कर इसे मुस्कुरा बेवजह
    सब आएंगे तेरे पास फिर ज़रूर
    ले-ले के अपने ग़मों का सुरूर
    बन जाएंगे हम फिर सबके लिए
    दुख-दर्द बाँटने का ज़रिया हुज़ूर…

    …wow! what a feeling and what an expression of the feeling!

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s