बदलता है मौसम


मौसम है मजबूर बदलने के लिए
पर खुशी-खुशी बदल जाते हैं हम
बदलाव ही प्रकृति है,यही तो नियति है
स्वीकार इसे,क्यूँ नहीं कर पाते हम।
बदलते मौसम में हैं,बदलते परिवेश
फिर भी मौसम अपना वजूद नहीं खोता
फिर क्यूँ यूँ बदल के,अपना आप खो देते हैं हम।
हो सरदी या गरमी,मौसम सदा जुडा़ रहता
हो ज़रा भी दुख या कोई परेशानी,
इक पल में कहीं दूर जा छिपते हैं हम।
गुज़र जाना है उसे,है मौसम को ये पता
पर इतनी सी सीख,नहीं सीख पाते हम
हो कितनी ही सरदी या कितनी ही गरमी
अडिग रहता मौसम बिना किसी ग़िला
पर ज़रा सी हेर-फेर गर जीवन में हुई
बेचैन हो सूखे पत्ते से,शाख से गिर जाते हम
बदलते मौसम से बदलना तो सीखा,
काश!थोड़ी हिम्मत थोड़ा जुनूं ले पाते हम।

24 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

24 responses to “बदलता है मौसम

  1. हिम्मत और जुनूँ बहुत जरूरी है, बेहतरीन संदेश और अभिव्यक्ति

  2. वैसे आपने लिखा है कि कविता लिखी नहीं जाती स्वयं लिख जाती है फिर भी आपके स्वतः लेखन के लिये आप बधाई की पात्र हैं … मौसम के बदलाव को जीवन के उतार चढाव के साथ देखना अच्छा अनुभव है…

  3. mausam aate rahenge
    mausam jaate rahenge
    mausam se ladnaa seekh lo
    saare mausam achhe lagenge

  4. anu

    मौसम के बदलाव के साथ जीवन की समीक्षा ….बहुत खूबसूरत ढंग से पेश की गई है …….आभार

  5. बदलाव ही प्रकृति है,यही तो नियति है… और यही नियति ज़रूरी है. अन्यथा जंग लग जाएगी, उबन बढ़ जाएगी , चहकना बन्द हो जायेगा … तो चलें परिवर्तन की ओर ,डर कैसा !

  6. मौसम का बदलाव जन्म और मरण के चक्र की अभिव्यक्ति है!

  7. मौसम अगर न बदले तो जीवन कितना बेरंग होता! मौसम के साथ हम भी थोडा तो बदल जाते हैं…
    कविता अच्छी हैं| ऐसे ही लिखते रहिये | सुभ कामनाएं!

  8. लिखती रहें, विचार ही मूर्तता का प्रथम चरण है।

  9. बदलाव ही प्रकृति है,यही तो नियति है//
    पर ज़रा सी हेर-फेर गर जीवन में हुई
    बेचैन हो सूखे पत्ते से,शाख से गिर जाते हम

    बदलाव प्रकृति का नियम है.. सच है.. लेकिन यदि हम बदलाव की प्रक्रिया प्रकृति से सीखें … तो उस बदलाव में सकारात्मकता होगी, सृजनात्मकता होगी…लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाते.. अन्यथा बदलाव विनाशकारी भी हो सकता है.. एक सार्थक सन्देश देती हुयी सुन्दर कविता…

    सादर

    मंजु

  10. probably the only English comment but that’s because my hindi couldn’t justify the awesomeness of this poetry.. Amazing🙂

  11. Couldn’t read Hindi. So, i had to translate the entire page & finally I am done. Simply awesome. Much love for Indu ji.

  12. मौसम है मजबूर बदलने के लिए
    पर खुशी-खुशी बदल जाते हैं हम

    बेहतर…

  13. इन्द्रधनुष के सात रंग मिलकर ही सूरज की रोशनी को बनाते हैं,
    जीवन में हर रंग जरूरी हैं|
    गहरे अर्थ की कविता – बहुत बढ़िया|

  14. I even contemplated simply writing blah as the entire post, but I m fairly certain that wouldn t have done these bars justice.

  15. Yup and turns out it was the batt which isnt so bad except that I am as most who read this page know.

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