फासला उम्र का


फासला उम्र का दिख जाता है बस यूँ ही
विचारों के फासले की उम्र नहीं दिखती
फिर भी सदा उम्र से विचारों को आँका जाता,
क्या अधिक उम्र से ही,जीवन दिख पाता?
सच है कि अनुभव सब सिखा जाता
हम सीखे हैं कितना,ये कौन जान पाता।
सीखने की चाह ही सदा जीत पाती
सोच का है फेर बस,समझ यही आता
विचारों की नदिया यूँ बहने को होती
किसी को माँझीं,किसी को मँझधार नज़र आता।
फासला उम्र का सदा दिख जाता…

22 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

22 responses to “फासला उम्र का

  1. beautiful.. indeed experience teaches us a lot .. and its that Learning that helps us in life and Not the age ..
    age is just a number but the knowledge we gain from experience now that is something which Cant be measured …

    sorry I am not good in typing in Hindi ..🙂

  2. nice lines – wonder if they have been inspired by some personal experience

  3. सब कुछ कह दिया

    किसी को माँझीं,किसी को मँझधार नज़र आता।

  4. प्रवीण पाण्डेय

    काश विचारों का अन्तर इतनी ही सहजता से दिख जाता।

  5. Barun Jha

    Once this is what i wanted to convey to someone..
    सच है कि अनुभव सब सिखा जाता
    हम सीखे हैं कितना,ये कौन जान पाता

    nice lines… beautifully composed.. as usual…🙂

  6. बिलकुल सच बात लिखी है आपने।

    सादर
    —–
    जो मेरा मन कहे पर आपका स्वागत है

  7. फिर भी सदा उम्र से विचारों को आँका जाता,
    क्या अधिक उम्र से ही,जीवन दिख पाता?
    सच है कि अनुभव सब सिखा जाता…उम्र से पहले बहुत कुछ दे जाता है … कई बार बचपन प्रौढ़ हो जाता है

  8. जीवन को जिस दिन समझ पाया कोई ,
    लाखों सालोंसे कोशिश चल रही है कहीं ,
    जीवन फिर ,पहेली रहती ही कब नहीं ,
    उम्र के कोई माईने कई रहते ही नहीं ,
    जिंदगी की कोई उलझन रहती ही नहीं,
    तुम्हारा , मेरा जीवन वर्थ हो जाता यूँही ,
    इसीलियें उसका अर्थ बदलता जाता है कहीं ,
    फिर उसी की तलाश में लगते हैं हम सभी ,
    जीवन का अस्तित्व है इसीलियें आज भी ,
    सोचने को मजबूर करती है आपकी सुंदर प्रस्तुती |
    धन्यवाद |

  9. So much of intelligence in those words.. sometimes people never learn, no matter how much of life they have seen.

  10. JEEVAN HU HI BEET JATA HAI
    FASLA KABHI NAHI MITATA
    SOCH BADAL JATI HAI
    INSAAN KI FITRAT NAHI BADALTI
    UMRA NAHI MAYENE RAKHTI HAI
    SOCH HOTI HAI KHAS …
    AAPKI YEH RACHNA …DETI HAI UTTAM VICHAR ………..:) BADHAI INDU JI . MAKARSANKRANTI KI BADHAI .

  11. ashish

    ये तो सच है की हमरे सिवा और कोई नही जनता की हमने कितना सिखा है…

  12. The last lines made me smile…. beautiful observation that found expression in your creativity…!!

  13. फासला उम्र का दिख जाता है बस यूँ ही
    विचारों के फासले की उम्र नहीं दिखती
    फिर भी सदा उम्र से विचारों को आँका जाता,
    क्या अधिक उम्र से ही,जीवन दिख पाता?
    सच है कि अनुभव सब सिखा जाता
    हम सीखे हैं कितना,ये कौन जान पाता।

    Beautiful !!

  14. …another year coming to an end…
    wonder what is the big deal about it!
    31 Dec is after all a date like any other date.

    Yes, I am growing old,
    but so is everyone else!

    Age is only a number
    if you put 52 the other way round it is 25.

    And what is wrong in ageing
    …or dying !

    “Grow old along with me
    The best is yet to be
    The last of life
    For which the first was made”.(quote)

  15. विचारों की नदिया यूँ बहने को होती
    किसी को माँझीं,किसी को मँझधार नज़र आता।
    बहुत सुन्दर बात कही है, अच्छी रचना

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