शायर का पैगाम,शायरी के लिये


शायराना सा हो रहा आज दिल मेरा
डर लगता है कहीं,हो न जाए ख़ता
कल होगा मिलन फिर हमारा तुम्हारा
आशा है नयी,मिल जाएगा किनारा।
सोचता हूँ कौन से रंग में दिखोगी तुम
बेख़बर,मेरे रंग में रंगी हो तुम
पर फिर भी नीला रंग,सदा तुम पे भाता
वो बात है अलग,निगाह आँखों से न हटा पाता।
खनक तेरे लबों की,यूँ पास मेरे गूँजती
वो झुकी पलकों की डोर मुझे खीँचती
कट जाए ये रात,आ जाए सवेरा
शायराना सा हो रहा आज दिल मेरा।

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35 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

35 responses to “शायर का पैगाम,शायरी के लिये

  1. khataa ho jaaye to hamaaree tarah maafi maang lenaa
    par jo man mein hai zaroor kahnaa

  2. शायराना सा हो रहा आज दिल मेरा… ये तो बड़ी अच्छी बात है

  3. पर फिर भी नीला रंग,सदा तुम पे भाता
    वो बात है अलग,निगाह आँखों से न हटा पाता।
    bahot sundar lafz…ek meethe intezaar se bhari sundar rachna

  4. संजय भास्कर

    बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

  5. DEEPAK KARTHIK

    Colors painted on the blue color 🙂
    different one !
    Deepak

  6. very nice ..

    waise for a change today the weather here in uk is also one of those romantic ones so this poem is sound more beautiful 🙂

    Bikram’s

  7. One more awesome piece from you…..
    Decent work….but seems as if it was written in hurry..is it?

  8. anu

    बस सिर्फ इतना ही ……वाह बहुत खूब

  9. खनक तेरे लबों की,यूँ पास मेरे गूँजती
    वो झुकी पलकों की डोर मुझे खीँचती
    बहुत खूब !

  10. Superb Written poem….Lov your poetry…….!!!

    Shared on facebook

  11. vijay shenoy

    Bhohot Khoob! Well written, completely enjoyed it… Keep writing!

  12. Hi Indu I have nominated you for One lovely blog award..if you are interested then please follow the link to know more- http://somkritya.wordpress.com/2012/01/17/one-lovely-blog-award-3/

  13. हाले दिल सायरी बन जाता है ,
    आँखे मींच कर देखो तो क्या ये गुन गुनता है|
    लेके कलम बस नाम दो इस गुन गुनाहट को,
    फिर देख लोगे तुम क्या ये गुल किलता है||

    काफी अच्छी रचना की है आपने |

  14. Waah..!!! bahut sundar kavita hai…!!1
    I really liked it…. 🙂

  15. Waqt aur halat ki behtar samajh…..kya chitran hai ashiq ka mashuka se milne ke waqt ka chitran……

  16. शायर खतरनाक तो होते ही हैं ….
    🙂
    शुभकामनायें आपके लिए !

  17. Bhout khub………
    Sayer ke jaban who kha jaitti hai jo amm admi ka Vajot -e -hayat hotta hai

    Masaalha………

  18. Ankit Solanki

    आपका पैगाम तारीफ के काबिल हैं !!!!

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