गणतंत्र दिवस-तिरसठ वर्ष


पूरे हुए तिरसठ वर्ष आज
हमारी ज़िंदगी के
वो वर्ष,जिनमें साँसें ली हमने
स्वेच्छा से
हर चीज़ है पाई अपनी
इच्छा से।
इन वर्षों में,हम
जिये हैं स्वतंत्रता से
ये निधि है,जो रखनी है
सम्भाल कर
मिली है हमें अपने
दादा-पुरखों से।
उनके खून से सनी न जाने
कितनी गलियाँ
और आहों से भरी हजारों
मुरझाई कलियाँ,
आज नज़र आती हैं हमें।
इन वर्षों में बहुत कुछ
बदल सा गया है..
आज अपने ही पराये के
बागीचे में जा खड़े हैं
क्या यही हमारी नैतिकता के धागे हैं?
ज़रा सी चोट लगी और टूट गए..
इन धागों में लगी,हजारों गाठें
अलग-अलग कर देती हैं एक-एक को
यदि इन गाँठों को हम हटा सकें
थोड़ी भी मानवता ला सकें
जिससे-
आने वालों को इंसानियत सिखा सकें,
बता सकें उन्हे कि देश है क्या
और वतन क्या!
क़ैद का मतलब है क्या,और
आजादी की परिभाषा क्या
यदि,ये अनुभव हम करा सकें
इन नौनिहालों को,तभी
कह सकेंगे कि हाँ..
पूरे किये हमने तिरसठ वर्ष आज
हमारी ज़िंदगी के।

21 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

21 responses to “गणतंत्र दिवस-तिरसठ वर्ष

  1. gantantr divas har varsh aayegaa
    gareeb gareeb gareeb rahegaa
    bhrastaachaar din raat badhtaa rahegaa
    insaan insaan kee kadr bhoolegaa
    jab tak desh ke liye deshbhakti kaa zazbaa
    dilon mein pyaar nahee hogaa
    is desh mein kuchh nahee badlegaa

    achhee kavitaa ,sadaa kee tarah

  2. अच्छा है जी यह दिन। बाकी, जाति, धर्म, इलाके और रुपये-शराब के आधार पर वोट देती जनता देखता हूं तो लगता है कि यह देश अब तक रिपब्लिक के लिये पका नहीं!

  3. बहुत खूब, … गणतंत्र दिवस पर बधाई…

  4. The poem is really good. aapko bhi Gantantra divas ki badhai !!

  5. आजादी की परिभाषा क्या
    यदि,ये अनुभव हम करा सकें
    इन नौनिहालों को,तभी
    कह सकेंगे कि हाँ..
    पूरे किये हमने तिरसठ वर्ष आज
    हमारी ज़िंदगी के।… sahi hai , jai hind

  6. anju(anu)

    गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें..

  7. 63 republic day ki bahut bahut badhiya….
    dare-to-think-beyond-horizon.blogspot.com

  8. I think in this 63 years of independance we has lost more than what we have gained .. and I still think if this was what we were aiming for then we were better off under the british .. at least we had someone to blame .. now who do we blame our ver yown people .. US all ..

    anyway Happy republic day though…

  9. “सब मौत के ऐहसास से यूँ सहमे हुए हैं – जैसे कोई वाकिफ नहीं जीने की अदा से |”
    गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं|

  10. बहोत खूब | गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभ-कामनाएँ |

  11. वर्ष तो बीत गये हैं, स्वप्न और सत्य का हिसाब माँगेगी आने वाली पीढ़ियाँ..

  12. sada

    बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति
    गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं ।

  13. शब्दों को बड़ी ही खूबसूरती से पिरोया है… बहुत बहुत शुभकामनायें..

  14. Meera

    Gantantra divas ki bahut bahut shubhkaamnayen. Desh aur desh ke log shaayad hi us mukaam par hain jahaan swatantrata sainaniyon ne dekhne ki ummeed ki thi. Par ye kaale baadal bhi chhat jaayenge, suraj phir niklega, sunehri subah phir aayegi, isi ummeed mein main jee rahi hoon.🙂

  15. संजय भास्कर

    पढ़ रहा हूँ …समझ रहा हूँ ..सोच रहा हूँ
    बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति
    गणतंत्र दिवस और वसंत पंचमी की ढेरों शुभकामनाएं!

  16. गणतंत्र दिवस की ढेरों शुभकामनायें..

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