तुम्हारे लिए


न लिख पायेंगे कुछ,तुम्हारे लिए
क्योंकि तुम-लिखने नहीं देते!!
यूँ हाँथ पकड़ मेरा जाने
कहाँ ले जाते हो
धीरे से हथेली,आँख पर सजाकर
किसी और ही दुनिया की सैर कराते हो।
कभी कोई नग़मा कभी कोई शेर,कभी
प्यार से रूह छू जाते हो।
पलकों पे सजा कोई ख़्वाब सा लगे
दरम्याँ न कोई तुम पास आ जाते हो।
चल रही हैं साँस,फिर भी तुम उसे
आलिंगन में अपने बाँध जाते हो।
महकता है मन और बहकते कदम,
हर जनम के लिए अपना बना जाते हो
न लिख पायेंगे कुछ,तुम्हारे लिए
संग अपने सदा हमें ले जाते हो।

35 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

35 responses to “तुम्हारे लिए

  1. rajtela1

    koi kisi ko
    kahin nahee le jaataa
    bas yun samjho
    man se man ,
    dil se dil miltaa

    Mind boggling words….keep going..may god bless you

  2. 🙂

    चल रही हैं साँस,फिर भी तुम उसे
    आलिंगन में अपने बाँध जाते हो।

    **
    न लिख पायेंगे कुछ,तुम्हारे लिए
    संग अपने सदा हमें ले जाते हो।

    Dear Indu,
    Its not possible to write enough for the one we love. We always will keep on writing for the love of our life, yet we would feel, words are not enough to express the beauty of this lovely person.
    Amazing poem. I loved it.

    -Shaifali

  3. Barun Jha

    you write words and I run out of it to praise… 😀

  4. इंदु जी एक और अदभुत रचना, बहुत ही बढ़िया लगी

  5. Ravi Bhai jahan bhi le jao wapas zaroor le aana 🙂 Heart warming words…

  6. वाह, विछोह भी जरूरी है लेखन के लिये!

  7. Yes …this is what I want from you….very sweeeeeet….lovely poem

  8. वाह! क्या बात है? सरल, सहज अभिव्यक्ति|

  9. कल 13/02/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

  10. itna acha kaise likh lete ho…bina kuch likhae hi itna kuch keh dete ho..

  11. vidya

    बहुत सुन्दर भाव लिए प्यारी सी रचना..

  12. कोमल से भाव ॥अच्छी प्रस्तुति

  13. beautiful loved it .. reminded me of following lines by Mirza ghalib

    itni tum mere pass hote ho goya
    jab koi doosra nahin hota
    haal e dil yaar ko likhonn kyun kar
    haath dil se Juda nahin hota..

  14. bhargav

    such an innocent feel… induji… its so … beautifulll

  15. बहुत ही खूबसूरत कविता है, दिल को स्पर्श करने वाली

  16. बहुत सुन्दर भाव….वाह! क्या बात है..!!!!

  17. ashish

    aap bahut “behtareen” likhti hai……bus aur kuch nhi kahna..

  18. PUSHPENDRA VIR SAHIL

    क्योंकि तुम-लिखने नहीं देते!!…

    कुछ नयी नयी सी बात..!

  19. Lovely expressed and I liked these line- “न लिख पायेंगे कुछ,तुम्हारे लिए
    संग अपने सदा हमें ले जाते हो।”

  20. सुरेन्दर

    सराहनीय अतिसुंदर कविता

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