यादें…


यादों का बसेरा है ”रूह” की गली में
जिस्म बौखलाया न ”रूह” ढूढ़ पाए..

यादों ने आगोश में जकड़ा इस तरह
है खुला आसमां,फिर भी न उड़ पाए…

यादों ने खुद को महकाया इस तरह
खुशबू मोगरे की, फीकी पड़ जाए…

यादों ने खुद को है बसाया इस तरह
शहर,गली,मुहल्ले,सब वीरानी पाए …

यादों को है बस यादों से वास्ता
न और कोई रिश्ता,वो समझ पाए…

यादों का मौसम बदलता हर पल
हो ख़ुशी या ग़म,ये नमी ले आए…

यादों का सिलसिला है सदियों की तरह
फिर भी इनका पता,न कोई ढूढ़ पाए…

यादों का ढीठपन बर्दाश्त भी नहीं
फिर भी यादों बिन,न कोई जी पाए…

 

Audio version of above poem :

http://soundcloud.com/indu-singh/yaadein

Advertisements

34 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

34 responses to “यादें…

  1. rajtela1

    कल आज याद बन गया
    आज कल याद बन जाएगा
    रोज़ नया मंज़र बनेगा
    यादों का सिलसिला
    यूँ ही चलता रहा है
    यूँ ही चलता रहेगा

  2. Dear Indu…very beautiful theme…I think evergreen one!
    Memories are what life is made up of..they are happy, they are sad but its true they always bring tears for the time we can not have in present….wish, kuch lamhe aage na bade kabhi, hai na 🙂

    यादों का मौसम बदलता हर पल
    हो ख़ुशी या ग़म,ये नमी ले आए…

  3. yashwant009

    एक तो कविता इतनी अच्छी है और उस पर आपकी आवाज़….क्या कहने…डबल डोज़ पाकर मज़ा आ गया।

    सादर

  4. yashwant009

    कल 06/04/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

  5. यादों को है बस यादों से वास्ता
    न और कोई रिश्ता,वो समझ पाए…यादों के रिश्ते ही संजीवनी होते हैं .

  6. sabne apni apni likhee hain main bhi aapke is lajawab blog pe do sabd likhta hoon
    aap ne kya khub likha hain…

  7. बहुत सुंदर. किसी ग़ज़ल की लाइनें याद आ गयीं:

    “चंद यादों के सिवा हाथ न कुछ आएगा
    इस तरह उम्रे-गुरेज़ा का न पीछा कीजे “

  8. bhattbhargav

    यादों का सिलसिला है सदियों की तरह
    फिर भी इनका पता,न कोई ढूढ़ पाए…

    यादों का ढीठपन बर्दाश्त भी नहीं
    फिर भी यादों बिन,न कोई जी पाए…

    very very true…

    dard ki basti me tehalne ki aadat si hai ab..
    yaadon ke sang muskurane ki aadat si hai ab..

    gam e ishq ko sehlane ki aadat si hai ab..
    unhi.. yaadon ke sang ,… muskurane ki aadat si hai ab..

  9. A memorable & quality piece to read,
    Well done, keep faith & strong will..

  10. वाह! आपकी कविता को आप ही की आवाज में सुन कर आनंद आ गया!
    असल में होता क्या है कि जब हम कोई भी रचना पढते हैं तो उसे अपनी ही आवाज में अपने ही मन में पढते हैं लेकिन उसका प्रभाव हमारी मनस्थिति के मुताबिक़ बदलता रहता है| कविता को उसके रचियता की आवाज में सुनने पर हम उसे और भी गहराई से महसूस कर पाते है|
    आशा है कि समय मिलने पर आप, अपने ओडियो संग्रह में और भी कवितायें जरुर जमा करेंगी!

  11. इस यादगार कविता के लिए बधाइयाँ और धन्यवाद |

  12. यादों का बसेरा है ”रूह” की गली में
    जिस्म बौखलाया न ”रूह” ढूढ़ पाए..

    यादों को बहुत खूबसूरती से दिखाया आपने

  13. यादें बस यादें …खूबसूरत गजल

  14. बहुत खूब लिखा है |वे यादें ही है जिनके सहारे जिंदगी का सफर बहुत सरलता से कट जाता है |
    आशा

  15. Shalu

    Hume to kayal kar gayee apki awaj aur panktiya keep it up till I reach india aisa na ho apka autograph lene ke liye appt lena pare realy superp writing day by day yur graph of improvisation is leadg twrds big success my good wishes always with yu and catch yur ultimate glittering star which yu wish to achieve as yur success is gareeb jaroor yaad rakhiyega keep it up

  16. punam

    यादों का मौसम बदलता हर पल
    हो ख़ुशी या ग़म,ये नमी ले आए…!!

    khoobsoorat yaaden……!

  17. Adhbhut………….
    app ke kavita bhi aour app ki awaz bhi……

    andaz e baya………..Kuch esa hai
    lagta muje mere jeevan jaisa hai…..

  18. saras darbari

    यह यादों का बंधन ही है …..जो हर स्तिथि में हम जी लेते हैं !

  19. Mukesh Mishra

    इंदु जी, आपका यह प्रयोग दिलचस्प लगा | कविता को पढ़ने के साथ-साथ सुनते हुए या सुनने के साथ-साथ पढ़ते हुए कविता को जो सजीवता मिली उसमें कविता की ऐसी अर्थच्छवियाँ उभरीं/दिखीं, जो शायद सिर्फ पढ़ने या सिर्फ सुनने से नहीं उभरतीं/दिखतीं |

  20. My fav topic , also my 1st.blog name .
    Like it.
    In love with dead , person or memoir !!

  21. यादों ने खुद को महकाया इस तरह
    खुशबू मोगरे की, फीकी पड़ जाए…

    bahut sundar… yadon kii khushboo ke aage sab feeka hi lagta hai…

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s