माँ का प्यार


कोशिश है कि माँ के लिए अपने दिल के जज़बात परोस सकूं जबकि यह मालूम है चाहे कितना ही कहूँ कम ही होगा। शुरुआत कहाँ से करें ये भी समझ नहीं आ रहा,पर हाँ इतना अवश्य मालूम है कि माँ में ही दुनिया है इसके अतिरिक्त और कहीं नही। जब हम छोटे थे तब माँ का सारा स्नेह सिर्फ माँ की एक जिम्मेदारी लगता था उसके भाव तो अब समझ आते हैं। सुबह की प्यार भरी’चूम’के साथ माँ का प्यार,नाश्ते में बनी पसंद की चीज़ों में माँ का प्यार,भले-बुरे की डाँट में माँ का प्यार,जीने का सलीका सिखाता माँ का प्यार,अपने हर गम को छुपाता माँ का प्यार,अपनी हर पसंद को दबाता,अपनी तकलीफ खुद ही सहता माँ का प्यार,गर्म दिनों में आँचल से हवा करता माँ का प्यार,सर्द रातों में यूँ खुद से चिपकाती माँ का प्यार,हर मंदिर में दुआ करती माँ का प्यार,सुबह चुपके से उठकर रसोंई बनाती माँ का प्यार,हलवा खाने की चाह पर उसे परोसती माँ का प्यार,कमज़ोर शरीर से भी ताकत दिखाती माँ का प्यार,बच्चों के दूर जाने का दर्द सहती,उनके लिए लड्डू,मठरी बनाती नम आँखों से दुआएं देती माँ का प्यार,हर तरक्की पर दौड़ मंदिर में घंटा बजाती माँ का प्यार,पापा की डाँट से बचाती,हमारे लिए खुद ही लड़ जाती माँ का प्यार,हर एक फोन के अंत में”खुश रहो बेटा”
कहती माँ का प्यार,अपनी हर पसंद की चीज़ को यूँ ही न्यौछावर करती माँ का प्यार,अपने जीवन की हर साँस से सिर्फ हमारे लिए खुशी माँगती माँ का प्यार,लिखतें चलें तो अन्त नहीं,अनन्त है माँ का प्यार।

40 टिप्पणियाँ

Filed under अभिलेख

40 responses to “माँ का प्यार

  1. rajtela1

    माँ अपने आप में पूरा संसार ,जितना कहो उतना कम…….

  2. माँ तो माँ है … जितना लिखो जो भी लिखो कम है

  3. H PSingh

    बहुत सुन्दर। ,! मां ही देवी देवता, मां ही है पूजा ।संसार में मां जैसा ना है कोई दूजा !

  4. theconfidentguy

    bahut khoob
    maa se badhkar is duniya mein kuch nahi hain
    Thanks
    http://drivingwithpen.blogspot.in/

  5. interesting, but with all due respect to you Induji, I find this write-up, while full of emotions, too stereo-typical because the qualities attributed to mothers are also to be found in fathers. A bit lop-sided, if I can be honest, though I don’t mean any disrespect.

  6. कोई शब्द नहीं हैं जो उसे पूर्णता से व्यक्त कर पायें।

  7. वाह!
    मन में बचपन की तस्वीर ही ताजा हो गई|

  8. avibration

    Lovely!
    Good wishes to your Mother.
    All the best.

  9. beautifully written and inspiring also for a young mum like me…. 🙂

  10. radhika somani

    माँ के प्यार में है सारी खुशियों का खजाना ..माँ शब्द में दुनिया का हर सुख छिपा है…

  11. माँ के प्यार का दूसरा नाम है , ‘ परमेश्वर ‘ | सुंदर प्रस्तुती |

  12. अतुलनीय
    चौदह भुवन में
    माँ वन्दनीय |

  13. raviakula

    Bahut Khoob…

    Btw, I have included your blog in blogroll on my blog. Here it is-

    http://chroniclesofraviakula.blogspot.com/

    Keep the good work going…Cheers.

  14. M – O – T – H – E – R
    “M” is for the million things she gave me,
    “O” means only that she’s growing old,
    “T” is for the tears she shed to save me,
    “H” is for her heart of purest gold;
    “E” is for her eyes, with love-light shining,
    “R” means right, and right she’ll always be,
    Put them all together, they spell
    “MOTHER,”
    A word that means the world to me.
    Howard Johnson (c. 1915)

  15. Prashant Rai

    bahut si sundar bhavnaon ke sath aap ka likha ye lekh dil ko bahut hi bhavuk kar diya ……
    aap ko bahut bahut dhanywaad

  16. JanakYadav

    बहोत ही उम्दा लिखती हैं आप! बहोत हे सरल और सहज सब्दो में अपने इतने विशाल ममतामयी माँ के प्यार का विवरण किया है! अभूतपूर्व हृद्यानुभुती!!!!

  17. मॉं के बारे में भावमय करती प्रस्‍तुति।

  18. बहुत सुन्दर प्रस्तुति…बहुत बहुत बधाई…

  19. bahut sundar indu….maine apni mumma ko phone per sunnaaya….unko bahut acha laga…

    thank you

    maine bhi kuch mother’s day per likha hai…aapko time mile toh zaroor dekhiyega…

  20. maa ka pyar bahut gun he meri dunya me meri bhut gun he mujhe meri maa pyar hamesha yaad aati he

  21. माँ, A one letter word, which is actually means the world.
    I’d try to write something on this but then realised I do not have sufficient words in my vocab to capture the feelings.. refer http://www.santoshsahay.com/2011/11/maa/

    Cheers,
    Sash

  22. माँ, A one letter word, which is actually means the world.
    I’d tried to write something on this but then realised I do not have sufficient words in my vocab to capture the feelings.. refer http://www.santoshsahay.com/2011/11/maa/

    Cheers,
    Sash

  23. om prakash ram

    apne maa ke pyar ko hriday ki anant gahraio se anubhut kiya hai . apka ye lekh sachmuch me hridaygrahya hai. mujhe ye padhkar bahu achha laga. bahut-bahut dhanyabad.

  24. Sohanveer singh

    माँ , इस एक शब्द मेँ सदियो का सिमटा प्यारा सा एहसास , जिसको शब्दो मेँ बयाँ नहीँ कर पाऊगाँ।

  25. what a thinking i respect ur emotions ,, headsoff to u dear i really respect

  26. प्रकाश चन्द्र जोशी

    he ma tu kitni dayalu hai tu kabhi bhi gusse me nahi dikhi meri ma tuje ye tera bachha pukar raha hai me

    muje tera sahara chahiye

    i love my mom
    माँ का प्यार

    कोशिश है कि माँ के लिए अपने दिल के जज़बात परोस सकूं जबकि यह मालूम है चाहे कितना ही कहूँ कम ही होगा। शुरुआत कहाँ से करें ये भी समझ नहीं आ रहा,पर हाँ इतना अवश्य मालूम है कि माँ में ही दुनिया है इसके अतिरिक्त और कहीं नही। जब हम छोटे थे तब माँ का सारास्नेह सिर्फ माँ की एक जिम्मेदारी लगता था उसके भाव तो अब समझ आते हैं। सुबह की प्यार भरी’चूम’के साथ माँ का प्यार,नाश्ते में बनी पसंद की चीज़ों में माँ का प्यार,भले-बुरेकी डाँट में माँ का प्यार,जीने का सलीका सिखाता माँ का प्यार,अपने हर गम को छुपाता माँ का प्यार,अपनी हर पसंद को दबाता,अपनीतकलीफ खुद ही सहता माँ का प्यार,गर्म दिनों में आँचल से हवाकरता माँ का प्यार,सर्द रातों मेंयूँ खुद से चिपकाती माँ का प्यार,हर मंदिर में दुआ करती माँ का प्यार,सुबह चुपके से उठकर रसोंई बनाती माँ का प्यार,हलवा खाने की चाह पर उसे परोसती माँ का प्यार,कमज़ोर शरीर से भी ताकत दिखाती माँ का प्यार,बच्चों के दूर जाने का दर्द सहती,उनके लिए लड्डू,मठरी बनाती नम आँखों से दुआएं देती माँ का प्यार,हर तरक्की पर दौड़ मंदिर में घंटा बजाती माँ का प्यार,पापा की डाँट से बचाती,हमारे लिए खुद ही लड़ जाती माँ का प्यार,हर एक फोन के अंत में”खुश रहो बेटा”
    कहती माँ का प्यार,अपनी हर पसंद की चीज़ को यूँ ही न्यौछावर करती माँ का प्यार,अपने जीवन की हर साँस से सिर्फ हमारे लिए खुशी माँगती माँ का प्यार,लिखतें चलें तो अन्त नहीं,अनन्त है माँ का प्यार।

  27. गोबिन्द बेहेरा

    माँ बाप से बड़कर इस दुनिया मे कोई नहीं है | इस लिए सर्बप्रथम अपना माँ बाप को प्यार के साथ पूजा करो | इस मे ही हमारा भलाई है और हम हमारा मंजिल तक पहंच पाएंगे ।

  28. haa ke pyaar ko dhek kar bhavaan bhi khus hote hai or svayaam bhi madaat kate hai or puri puri surkcha dete hai apni or se bhi ja par kar maa ki hohi te par kar pa kare shab koi ..

  29. Omprakash Jakhar

    माँ के बारे जितना कहो उतना कम है। I love you mami

  30. Sahlal khan

    माँ का प्यार अनमोल होतीं हैं —————–माँ के कदमों के नीचे जन्नत होती है।

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