भगवन मेरे, सब कुछ तुम्ही …


भगवन मेरे, सब कुछ तुम्ही
हाँ ! बस तुम्ही हो मेरे ।
जो तुम न देखो,जो तुम न जानो
शिकवा कोई भी नहीं है
हाँ ! पूजा करूँ मैं,श्रधा नमन से
न तुमसे है कोई भी आस ।
जब चाहो जैसे, भी आजमा लो
हम बस बने तुम्हरे दास ।
है जब तक ये जीवन
हो मन में तुम्ही तुम
न मूरत कोई दूजी खास ।
भगवन मेरे ,सब कुछ तुम्ही
हाँ ! बस तुम्ही तुम हो पास ।

14 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

14 responses to “भगवन मेरे, सब कुछ तुम्ही …

  1. यशवन्त माथुर

    कल 07/08/2012 को आपकी यह पोस्ट (विभा रानी श्रीवास्तव जी की प्रस्तुति में) http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

  2. खूबसूरत भाव …जन्माष्टमी की शुभकामनायें

  3. सुन्दर प्रार्थना…. जन्माष्टमी की बधाईयाँ…

  4. बहुत सुन्दर…
    जन्माष्टमी की शुभकामनाये..
    🙂

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