हवाओं का रुख मोड़ने की ताकत नहीं है ….


हवाओं का रुख मोड़ने की ताकत नहीं है मुझमे
दूँ दिशाओं को ही मोड़ अब, कलम यही कहती है ।

फ़रेब, झूठ, छलावा, है चालाकियों ने घेरा मुझे
हर शब्द फिर भी स्नेह भर दूँ, कलम यही कहती है ।

माना कि जग और जीवन ने संघर्ष ही दिया मुझे
खींच दूँ प्रत्यंचा हौसले की,अब कलम यही कहती है ।

वीराने में भी बजता है, है कोलाहल इतना मुझमे
शब्दों से कुछ ख़ामोशी भर दूँ, कलम यही कहती है ।

न रोक सकोगे तुम मुझको, कुछ तो ऐसा है मुझमे
हर शब्द बना मेरा जीवन ,अब कलम यही कहती है ।

मैं न रहूँ, न रहोगे तुम भी ! इतना है मालूम मुझे
अस्तित्व मेरा रहेगा अमर, अब कलम यही कहती है ।

19 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

19 responses to “हवाओं का रुख मोड़ने की ताकत नहीं है ….

  1. फ़रेब, झूठ, छलावा, है चालाकियों ने घेरा मुझे
    हर शब्द फिर भी स्नेह भर दूँ, कलम यही कहती है ।

    माना कि जग और जीवन ने संघर्ष ही दिया मुझे
    खींच दूँ प्रत्यंचा हौसले की,अब कलम यही कहती है ।
    बहुत खूब

  2. यशवन्त माथुर

    वीराने में भी बजता है, है कोलाहल इतना मुझमे
    शब्दों से कुछ ख़ामोशी भर दूँ, कलम यही कहती है ।

    न रोक सकोगे तुम मुझको, कुछ तो ऐसा है मुझमे
    हर शब्द बना मेरा जीवन ,अब कलम यही कहती है ।

    बहुत ही बढ़िया मैम!

    सादर

  3. इंदु की कलम ना रुके कभी,मेरी कलम तो बस इतना सा कहती है

  4. प्रवीण पाण्डेय

    क़लम कहे जब, सत्य कहेगी

  5. अदभुत कलम , अदभुत बोल
    बहुत ही सुन्दर रचना !

  6. कोई ना जाने
    कलम की ताकत
    जानते हैं परिणाम,

    रहते भुगतने को
    तैयार हमेशा
    चाहते जो मिटाना
    इसकी धार।

    इंदु कलम के हृदय की अनुभूति से निकले हुए कविता रुपी मोतीयों की लङी में सुंदरता से पिरोए गए शब्द। अहा!

  7. suneel yamdagni

    बहुत सुंदर भावों को समेटा हें अपनी कलम में आपने इंदु जी …………….
    पिला साकी कुछ ऐसा
    अपनी कलम को
    भूल जाए वो खुद को
    हकीकत बयां कर दे
    वो जो डर में छुपी है
    लिख दे कुछ ऐसा फिजाओं में
    कि मिट जाए फरेब झूठ
    छलावा चालाकियों का
    चीख चीख कहती है कलम
    तोड़ दे अब ख़ामोशी मेरी ..

  8. हवाओं का रुख मोड़ने की ताकत नहीं है ……..why this?
    why not below?

    हवाओं का रुख मोड़ने की ताकत तो है मुझमे
    पर दूँ दिशाओं को ही मोड़ अभी, कलम यही कहती है।

    To me it looks more positive…more encouraging…..showing human can do anything…..your thoughts?

  9. Vandana Grover

    आपकी इस रचना ने दिल को करीब से छुआ है ..

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