आजाद देश की आजादी को !!!


शहीदों के अरमानों का हम सबको मान बढ़ाना है
हर चुनौती बिखर जाये, हौसलों में जान भर लाना है।

कठिन डगर हो चाहे जितनी डग से नहीं घबराना है
हर कीमत पर देश को अपने स्वर्णिम देश बनाना है।

सीमा रेखा पर खिंची बाड़ से दुश्मन तो घात लगाएगा
ह्रदय में चुभता शूल सरीखे अपनों का घात लगाना है।

हर मंज़िल पर घात लगाए जब अपनों को ही पाना है
प्रथम लड़ाई खुद से ही, इस सच को नहीं झुठलाना है।

आजाद देश की आजादी को कितना और भरमाना है
सोच-विचार की जकड़न से तो अभी आजादी पाना है।

आओ सपथ लें आज ये मिलकर अपनी मिट्टी की खातिर
मानवता की रूह में घुलकर, मानव को अब जगाना है।

 

गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभ-कामनाएँ !!!

11 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

11 responses to “आजाद देश की आजादी को !!!

  1. Hi Indu ji,

    Indeed, beautiful lines and words all suggesting towards our independence. In all these years, have we really earned our independence and our fundamental rights? That’s a question we should ask ourselves.
    Bohot khoob likha hai. 🙂 🙂 🙂

    Regards

    Jay

  2. anju(anu)

    कठिन डगर हो चाहे जितनी डग से नहीं घबराना है
    हर कीमत पर देश को अपने स्वर्णिम देश बनाना है…………वाह बहुत खूब

    आज़ादी और गणतंत्र को लेकर हर किसी की सोच अपनी अपनी है

  3. अपनी माटी, अपनी थाती,
    नहीं परायी राह सुहाती।

  4. suneel yamdagni

    आओ सपथ लें आज ये मिलकर अपनी मिट्टी की खातिर
    प्रथम लड़ाई खुद से ही, इस सच को नहीं झुठलाना है।

    गणतंत्र की शुभकामनाओ के साथ सुंदर लेखन पर आपको बधाई

  5. यशवन्त माथुर

    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ!

    दिनांक 26/01/2013 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है .
    धन्यवाद!

  6. very nice…
    harek line lajwab hein…
    प्रथम लड़ाई खुद से ही, इस सच को नहीं झुठलाना है।

  7. बहुत बढ़िया प्रस्तुति ..
    गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं सहित ….

  8. Yashwantsingh Shekhawat

    .
    .
    आपकी माता ने आपको पहले पैदा किया होता ..
    आपके कृत्य से एक नए जीवन का सवेरा होता ..
    .
    आपके जज्बों पर हमारे फ़िदा होने से क्या होगा ..
    आपके जज्बों का पिटारा खोलकर भी क्या होगा ..
    आपके जज्बों से जब आप खुद एक जज्बा होगा ..
    हम सब के घर का अधियारा तब भाग खड़ा होगा ..
    .

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