ऐ चाँद !


काश !
कि पास होती
एक लंबी सी डोरी
फ़ेंक कर उसे
खींच लेता तुम्हे
अपनी ओर
फिर देखता
कैसे दूर रहते
तुम ।
पूरा का पूरा
तुम्हें बाहों में भरकर
उतार लेता
कहीं गहरे
कि बस…
फिर मेरे ही रहते तुम
ऐ चाँद
काश !
कि मेरे पास
एक लंबी सी डोरी होती ….!!!

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