Tag Archives: घुटन

आसान नहीं होता


मर जाना सबसे आसान है
लोग कहते हैं
लेकिन  

मरने की
चाह रखना
भले आसान हो
मर जाना

कतई आसान नहीं होता ।
कैसे मरुँ
कि कष्ट भी कम हो
और मर जाऊँ !
ज़रा सोचिये
ये मनःस्थिति
कैसे

मर पाता होगा कोई
वो घुटन वो दर्द

वो तकलीफ़
हर कोई नहीं सह सकता
मर जाना, आसान
कतई नहीं होता ….

3 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

फ़लक पे चाँद


फ़लक पे लटका चाँद
चिढ़ाता नहीं
बल्कि लटका है वो
कई – कई फंदों में
झूल रहा है
पूर्णिमा से अमावास
इसलिए नहीं
कि उसे पसंद है
बल्कि हवा का दबाव
ही बहुत कम है
इतना कम
कि लटकते फंदों में भी
नहीं निकल रहा
उसका दम
जबकि चाहता है
वो मुक्ति
इस घुटन से
कि फ़लक पे लटकता
चाँद गुज़रता है
हर नज़र से …

2 टिप्पणियाँ

Filed under कविता