Tag Archives: दर्द

आसान नहीं होता


मर जाना सबसे आसान है
लोग कहते हैं
लेकिन  

मरने की
चाह रखना
भले आसान हो
मर जाना

कतई आसान नहीं होता ।
कैसे मरुँ
कि कष्ट भी कम हो
और मर जाऊँ !
ज़रा सोचिये
ये मनःस्थिति
कैसे

मर पाता होगा कोई
वो घुटन वो दर्द

वो तकलीफ़
हर कोई नहीं सह सकता
मर जाना, आसान
कतई नहीं होता ….

3 टिप्पणियाँ

Filed under कविता

चुप तुम भी आज रहना


आज मैं चुप हूँ, चुप तुम भी आज रहना
न बोलना कुछ भी बस भावों को ही सुनना
दुख दर्द की इस पीर को हमसे बाँट लेना
न तकलीफ कम हो कोई बात नहीं
बढ़ने नहीं देंगे ये विश्वास रखना
आज मैं चुप हूँ, चुप तुम भी आज रहना.
सत्य जीवन का है जानता हर कोई
फिर भी इस सत्य को न मानता है कोई
चुप रहकर आज इसको, है स्वीकार करना
आज मै चुप हूँ,चुप तुम भी आज रहना.
अब यादें ही रहेंगी न कोई बात करना
ज़िक्र सब करेंगे न तुम ज़िक्र करना
आज मैं चप हूँ,चुप तुम भी आज रहना.
इन आँखो के नीर को हरगिज़ न तुम रोकना
ये भाव हैं प्यार हैं इन्हें ताकत तुम समझना
लम्बी साँसों में अपनी मेरी साँसों को सुनना
आज मैं चुप हूँ,चुप तुम भी आज रहना…!

31 टिप्पणियाँ

Filed under कविता