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ए एन 32


तुम्हारा कुछ पता नहीं
कहाँ हो ? कैसे जानें
ज़िंदगी की नई शुरुआत
तुम्हीं से थी
पिछले सत्रह वर्षों से
एक दिन भी न गुज़रा
तुम्हारे बगैर
लगातार सालों साल
हम साथ गए समंदर पार
और देश के सभी कोनों से लेकर
विदेश यात्रा तक
कभी डर न लगा
लेकिन आज
जब तुम्हारी कोई ख़बर नहीं मिल रही
डर रहा हूँ
किसी अनहोनी से
तुम लौट आओ सकुशल
कि देश को ज़रुरत है तुम्हारी
कई परिवार
राह तक रहे
उनकी रौशनी भी
तुम्हारे साथ है
मुझे, नींद नहीं आती आजकल
कि बिन तुम्हारे
फ़ैल गया है सन्नाटा
एक सैनिक की ज़िंदगी में ।

 

 

 

 

 

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चाँद टूटा और बिखरा …


चाँद टूटा और बिखरा किसने ये जाना यहाँ
हाँ बिखरती चाँदनी को सबने पहचाना यहाँ .

सूरज के उगते ही जहाँ में फैल गई रौशनी
तम को अस्तित्वहीन फिर सबने माना यहाँ .

दिल की ज़मीं नम है बहुत रोपने को बीज
लहलहाते लबों से ही मौसम सुहाना यहाँ .

वो समंदर क्या करे जो चाहे साहिल को बहुत
लहरों को सुनाता है वो दिल का फ़साना यहाँ.

हर राग है अलग यहाँ धुन  भी अलग हुई
सुनेगा कौन इंदु अब  किसका  तराना यहाँ .

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प्यार है समंदर


प्यार है समंदर
समंदर की लहर मै
किनारा हो तुम
आऊँ बार – बार
समाऊँ बार – बार
न ठहर पाऊँ लेकिन !
तुम्हे समंदर की प्यास
समंदर को लहर की
और लहर तुझमे समाने को
मिटती रही उम्र भर
हर पल लिया नया जनम
हर पल का मिलन
और फिर पूरा समर्पण
लहर दर लहर
उछलता रहा समंदर …

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धर्म पर लिखूँ तो…


धर्म पर लिखूँ तो हालात बिगड़ जाते हैं ,
देश पर लिखूँ तो धर्म झगड़ जाते हैं ।

प्रेम पर लिखूँ तो बस प्रेम ही प्रेम है ,
छल पर लिखूँ तो ये तार उधड़ जाते हैं ।

समंदर पर लिखूँ तो बेहिसाब खज़ाने हैं ,
साहिल पर लिखूँ तो खज़ाने बिछड़ जाते हैं ।

मौसम पर लिखूँ तो किस मौसम पर लिखूँ ,
जिन पर न लिखूँ वो मौसम अकड़ जाते हैं ।

लिखने को तो चाहे कितना भी झूठ लिख दूँ ,
मग़र इंदु की कलम है,सब झूठ पकड़ जाते हैं ।

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छोटी सी लहर


तालाब में उठी वो छोटी सी लहर
चली जाती है बहुत दूर तक
लेकिन बहुत शांत
समुद्र की तरह वह शोर नहीं मचाती
बरबस ही ध्यान खींच नहीं पाती
फिर भी जीवन से पहचान करा जाती है
वह छोटी सी लहर …
हर हाल में है शांत न कोई कौतूहल
हर बात को कितने आराम से समझाए
द्रढ़ निश्चयी है वह
लेकिन हर बात
जीवन की कोमलता से कह जाए
हो कितना भी विशाल समुद्र
समेटे लाखों झंझावात
लेकिन यह तालाब /समुद्र इस गाँव का
यह लहर है एक गिलहरी दौड़ती उस पर
यह छोटी सी लहर
पानी में एक लिखी हुई पंक्ति
यहाँ से वहाँ तक
दौड़ती हुई .

 

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