परिचय

जब जो ह्रदय ने जैसा महसूस किया हमारी कलम ने उसे पंक्ति बद्ध कर दिया। सारी कविताएँ बिना किसी प्रयास स्वतः ही लिख गई हैं क्यों कि जब भी दिल को कुछ छूता है भाव उठते हैं हमारा बस हमारी कलम पर नहीं रहता। ये क्या है कैसा है ये तो नहीं पता पर हाँ जो भी है स्वाभाविक है सिवाय भावनाओं के कुछ नहीं। इनमें से कुछ कविताएँ और कहानियाँ  पूर्व प्रकाशित हैं और कुछ लखनऊ दूरदर्शन के कार्यक्रम (नये हस्ताक्षर)में शामिल हो चुकी हैं  तथा ऑल इण्डिया रेडियो आदि में भी कविता पाठ एवं कहानी पाठ के रूप में शामिल रह चुकी हैं  है कविताओं के अलावा भी आप मेरे (अभिलेख) आदि नित नये विषय ह्रदयानुभूति के अन्दर पाएँगे। आपके सुझाव व टिप्पणियाँ हमारा मार्ग दर्शन करेंगे। अतः दिल से स्वागत है आपका।

 
सादर 
इंदु

96 responses to “परिचय

  1. बहुत सुंदर कविताओं के साथ आज एक नया ब्लॉग मिला.
    पढ़कर अच्छा लगा.
    कृपया इस ब्लॉग में ई-मेल सब्स्क्रिप्शन का विजेट लगाएं ताकि नई पोस्ट प्रकाशित होते ही मुझे मिल सकें.

  2. निशान्त जी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
    आपके कहेनुसार हमने ई-मेल सब्स्क्रिप्शन का विजेट लगा दिया है।

  3. ati sundar kyunki hridya me upje bhavo ko swath hi kagaj par utarna atiyant kathin hai……….:):)

  4. Nice one, I took much time for me to read , as it is in Hindi, Bcz We studied hindi only till 10th 😉

  5. कविता कहना आसान नहीं है…
    कभी कभी पढता हूँ तो महज लफ़्ज़ों का पुलिंदा नज़र आती हैं…
    पर जब जज्बात की गहराई तक जाता हूँ तो समझ आता है के….
    “हकीकत के जमीं पर खूबसूरत लफ्ज़ बोये हैं किसी ने…”
    “फिर हमसे जो तारीफ़ की फसल न उगे तो क्या फायदा…”

    बस ये मेरे ख्यालात थे आपके जज्बात पर….. यूँ ही कहती रहिये….
    दुआओं के साथ….

  6. हुनर तो बहुत है, थोडा तराशने की ज़रुरत है! मैं ब्लॉग भले ही अंग्रेजी में करता हूँ, गीत ज़्यादातर हिंदी में ही लिखता हूँ, आपने शायद सुने हों, हनुमान और अन्य फिल्मों से! कभी मिलने का मौका मिला तो ज़रूर guide करूंगा! लिखती रहिएगा, अनेक शुभकामनाएं!

  7. love the blog description of yours… 🙂
    u write too good. 🙂
    will learn a lot from this…

  8. मैंने आपकी कविता की पोटली खंगाला। बड़ी सुंदर दुनिया बसायी है आपने। अब आना-जाना लगा रहेगा।

  9. Prasant

    kuchh alag kahti hai appki kavita, main age bhi aur padna chahunga…..waiting for your new posting…

  10. Waah rey…superb!!! Nice poems u write….I’m adding u in my blogroll..will visit wen time permits for sure!!

  11. Abdussalam

    इन साफ़ साफ़ अल्फाज़ मैं आप ने बहुत प्यारा काम किया है
    उम्मीद है आगे भी आप की कविता और अच्छी आएगी
    इन्साहअल्लाह

  12. Your Blog is really amazing,I love the way you express your feelings through simple words but catchy sentences. The best part is the correct Hindi,our Rashtrabhasha. I am a big fan of your writing. May god bless you.Keep writing…
    – Deepak Doddamani

  13. THANKSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSSS KKKKKKKKKKKKKKKKKKEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPPIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIITTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTTT

  14. na sur hai na saaj hai,
    na hi kisi chij ki mohataj hai.
    kavita to bas,
    antaraatma ki aavaj hai.
    aapki rachnaon ka ham swagat karten hai…
    padhkar achchha laga .
    vande mataram,
    lakhesh chandrawanshi,
    sampadak – bharat wani

  15. Dharam Kishor Vyas

    Dear Indu,
    Whatever you write here in your blog is really a surprise. God says, “Man, woman, hermaphrodite, or any other creature, whoever worship Me with a guileless heart through complete surrender, is always dearest to me.” and I can see your all virtues by have a sight on your image.
    Tulasi das ji kahate he ki:- “Blessed the son/daughter, and blessed his/her parents, who donate/distribute their knowledge for others in what so ever way it may be.”
    and He/She who utters the Name of Rama even through by mistake, let him/her wear a pair of shoes made of the skin of my body.
    aapke man me lok kalyan ki bhavna he use aap vese hi rakhiye jese abhi he because it will be very helpful to you in your future.
    If you have any issue with my words, let me know once. You are great and always beloved by god.

    Thanks with warm regards.

  16. “कविता लिखी नहीं जाती,स्वतः लिख जाती है”
    Bohot khub.

  17. ASHOK M VAISHNAV

    अंतःकरणसे पैदा हुई विचारधाराको शब्ददेह देनेमें आपके सफल प्रयासके लिये आपको धन्यवाद.
    चुंकी मैंने बीन-कथा साहित्य्को प्राधान्य देना तय किया है, आप जैसे अंतःस्फुरीत व्यक्तिके बीन-साहित्यीक अंतःकरणसे पैदा हुए विचारोंको ब्लॉगमें ग्रंथस्थ होते हुए देखना एक अनोखा अनुभव हो के रेहेगा.

  18. Good, wonderful writing. Though some words are too hard for a guy like me (from Kerala), still i can sense the mood and the feel it creates.

  19. तू तनहा है तो तेरी तन्हाई में हम रहेंगे,
    तू उदास है तो हम भी उदास रहेंगे ||
    तुझे नज़र न आएंगे,
    फिर भी हर मोड़ पर तेरे साथ हम रहेंगे ||

    आप काफी अच्छा लिखती है ….

  20. shuddhhh hindi…. liked it :):)

    it teaches us that we can blog in hindi also!!!!!!!!

    bohot bohot badhaiyaan 🙂

  21. Nice, soft poetry that leaves you with a feeling of warmth – good composition. Apologies for commenting in English for a blog in Hindustani (well, we generally speak a mix of Hindi and Urdu, and your blog reflects that) – have yet to master the art of typing in Hindi. But once again, well written poems filled with feelings.

  22. Just wanted to say that you have some awesome content on your website!

  23. जो दिल की सुने
    फिर सुन के लिखे/
    जो बात बयाँ असली कर दे
    जो कलम से वक्त को बांधे/
    उसको दिल दूंढता रहता है
    ऐसा सब आप में दिखता है /
    …. इंदु जी ढेरों शुभकामनाएँ आपको
    ऐसे ही लिखते रहें
    … सादर

  24. भरत जी शुक्रिया,आपकी शुभकामनाये हैं बस…

  25. इन्दुरवि सिंह जी आप की कवितावों में बहुत अपना पन………. पढ़ने के बाद कोई नहीं कह सकता कल्पना, हम आप जो ज़िन्दगी देखते सुनते महसूस करते है, उन्ही को आप ने शब्दों का रूप दे दिया है……….. मुझे बहुत प्रसन्नता हुई आप की इन कविताओ को पढ़ के ………………… पूरी तो नहीं पढ़ी पर जितनी भी पढ़ी दिल से अच्छी लगी . भगवान् आप की कल्पनाओं को और ऊँची उड़ान दे …… यही मेरी शुभ कामना है………………… डॉ. अभय श्रीवास्तव

  26. Shukriya Dr.sahab,aapko hamari rachnaayen pasand aayii hamara saubhagya hai…

  27. Dear author,

    Please let me know the email address I can use to contact you.

    Regards,
    Inam

  28. Manish

    Well it is indeed a pleasure reading all your compositions..may god bless you.

  29. Manish

    जीवन की कठिन परिस्तिथियों को, हम स्वतः ही अपना कर, अपना सा बना कर आगे की ओर कदम बढा कर हो सका तो एक नयी राह बनाकर कुछ अपनों को सिखला कर कुछ सीख कर निरन्तर निर्मल भागिरथी की तरह प्रवाह से बहते रहें और स्वयं के साथ स्वजनों का कल्याण करते रहें।

  30. panks

    इंदु जी |
    अप्पकी कवितायें बहुत दिल को छु जाने वाली हैं. आप ऐसा ही लिखती रहे ऐसी मेरी कामना है | मैंने आपका ब्लॉग indiblogger के माध्यम से पाया | कुछ पंकितयां मैं भी अपने ब्लॉग पर लिखी हैं, समयानुसार पढ़ कर अपनी प्रतिक्रिया दें | 🙂
    -धन्यवादः
    पंकज

  31. Dear Indu ji,
    I like your poem so much.
    Why don’t you host your personal site.
    Please contact me if any help is required.
    Regards,
    Surendra

  32. अनाम

    Dear indu ji,
    नमस्ते ,
    आज indiblogger का अवलोकन करते हुए आपका ब्लॉग देखा ! अच्छा लगा , सही है , जब हमारे मन की भावनाये ,दिल की इच्छाएं ,हमारी सोच जब हमारी उँगलियों के माध्यम से कागज पर छलकती हैं तो , कविता का सृजन होता है ,है ना ?
    और ये भी सही है की कोई भी रचना जबरन की नहीं जाती वो तो सहज ही अस्तित्व मे आ जाती है ! ये मै अनुभव से कह रहा हूँ , क्योंकि कॉलेज लाइफ मे और किशोरावस्था मे भी कई कविता ,गजल और शेर लिखे हैं !
    कभी कभी तो शब्द उफनती नदी से कागज पर उतरते ही जाते हैं , और कभी कभी रेगिस्तान की नदी से ढूंढे सेभी नहीं मिलते ,है ना ?
    वैसे आजकल मे कविता नहीं achhibatein लिखता हूँ , समय मिले तो देखिएगा !
    पुनः आपको साधुवाद आपके लेखन के लिए ……..
    आभार ………
    डॉ.नीरज
    http://achhibatein.blogspot.in/

  33. आभार आपका कि आपको हमारी रचनाएँ पसंद आई ,आपके विचारों से रूबरू होना हमारा सौभाग्य होगा …

    सादर
    इंदु

  34. Subhash Gupta

    Respected Indu Ji,
    Greetings,.
    Unbelievable……, But True, Never Feel before,, i have no words to express my feelings, because it will be like a drop in ocean.

    Too Nice…, & Happy NavRatri.
    S C G

  35. I just stumble upon and stayed for a long… Beautiful creation… Keep it up… I will be coming back…

  36. GGShaikh (Gyasu Shaikh)

    sahmat hain aapki feelings se…padhkar achchha bhi laga…first aapka passion bas yahi rahe… lekhan aur lekhan…that is personal desire..

  37. साहिल ठाकुर

    इंदु अर्थात चाँद की ही तरह अँधेरों को रोशन
    करती आपकी रचनाएँ अंतस्थल के भीतर अंतर्तम में
    कहीं गहरे बहुत गहरे तक उतर कर आपके Blog के
    नाम को सार्थक करती हैं……हृदयानुभूति !!!

  38. ये जीवन है…
    Pad kar bhut accha lga…

    Main rajiv nhi hu or na hi meri life mai koi sefali hai…

    Fir bhi mujhe is lekh ko padte hue yesa lga jaise ye kirdaar mujhme hi jivit ho uthe ho…

    Aapka dhanyevad…

  39. संजय भास्‍कर

    जो दिल की सुने
    फिर सुन के लिखे/

    …. इंदु जी ढेरों शुभकामनाएँ आपको

    — संजय भास्‍कर

  40. गोविन्द कुअःवः

    इंदु जी तारीफ़ कितनी भी करू कम है
    आपने जो कहानी कविता गजल
    जितना भी लिखा हे उसके लिए
    आपको दिल सुक्रिया
    आप ऐसा ही लिखते राहिये

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s