जादू भ्रम है


जादू भ्रम है और कविताएँ हक़ीक़त ।
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कविता को नहीं आती हाथ की सफ़ाई
वह भ्रम को ख़त्म कर देती है।
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उसे उसकी कविताओं से प्रेम था
वो बड़ा जादूगर था उसने बहुत जादू किये।
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वह कविताओं में डूबी रही
वह जादू करता रहा।
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जिस दिन उसके सारे जादू ख़त्म हो गए
उस दिन सबसे बड़ा जादू हुआ
वह जादू को सच और कविता को जादू मान चुकी थी।
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जादूगर खुश था नए जादू के इजात से
जादू की ऐसी कीमत उसे पहले न मिली थी।
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